Introduction
🔥 अगर आपने उत्तर प्रदेश सरकार के Sewayojan पोर्टल के जरिए आउटसोर्सिंग नौकरी के लिए आवेदन किया है, तो आपके मन में ये सवाल ज़रूर घूमता होगा —
💭 “क्या मुझे बोनस मिलेगा?”
📅 “कितनी छुट्टियाँ मिलेंगी?”
💰 “और एजेंसी मेरे अधिकार छिपा तो नहीं रही?”
तो तैयार हो जाइए 😎 क्योंकि आज का यह लेख आपके सारे कन्फ्यूजन दूर करने वाला है!
बहुत सी आउटसोर्सिंग एजेंसियाँ कर्मचारियों को उनके अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी नहीं देतीं 🚫, जबकि Bonus और Leave Policy हर कर्मचारी का कानूनी अधिकार है ⚖️।
😲 क्या आप जानते हैं?
📜 Payment of Bonus Act, 1965 के अनुसार 20 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी को कम से कम 8.33% बोनस देना अनिवार्य है।
और अब नए Labour Codes 2025 के बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी मिलने लगे हैं 👇
✅ Earned Leave (12–20 दिन)
🤰 Maternity Leave (26 सप्ताह)
🏥 कई मामलों में मेडिकल और अन्य छुट्टियों के अधिकार भी!
इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे 🧠
👉 UP Sewayojan Portal की आउटसोर्सिंग नौकरियों में बोनस कैसे मिलता है
👉 कितनी छुट्टियाँ मिलती हैं
👉 कौन-कौन से कानूनी अधिकार आपके पास हैं
👉 और अगर कंपनी नियम तोड़े तो शिकायत कहाँ करें 📢
तो अंत तक ज़रूर पढ़िए 👀 क्योंकि हो सकता है आपका पैसा 💸 या छुट्टी 🏖️ बिना वजह रोकी जा रही हो!
you may also like this
http://sewayojan-outsourcing-salary-rules/
What is Sewayojan Outsourcing Job?

Basic Definition
सेवायोजन पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके ज़रिए विभिन्न विभागों (शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, पंचायती राज आदि) में आउटसोर्सिंग/ठेका आधार पर कर्मचारियों की भर्ती की जाती है।
ये कर्मचारी सीधे सरकारी कर्मचारी नहीं होते, बल्कि प्राइवेट एजेंसियों (contractor) के माध्यम से काम करते हैं।
Who Are Outsourced Employees?
जो व्यक्ति Sewayojan पोर्टल पर रजिस्टर करके किसी विभाग में काम करता है, लेकिन उसकी पेरोल (salary slip) किसी प्राइवेट एजेंसी के नाम पर आती है – वह आउटसोर्सिंग कर्मचारी कहलाता है।
उदाहरण: UPSRTC में कंडक्टर, आंगनवाड़ी सहायिका, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सिक्योरिटी गार्ड – ये सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारी हो सकते हैं।
How to Get Sewayojan Outsourcing Job?
Sewayojan पोर्टल (upsewayojan.in) पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन करें, अपना बायोडाटा और दस्तावेज अपलोड करें, फिर उपलब्ध पदों के लिए आवेदन करें।
चयन के बाद एक कॉन्ट्रैक्ट/एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं – यही वह कागज है जिसमें बोनस और छुट्टी का उल्लेख होना चाहिए।
Statutory Bonus Policy for Outsourced Jobs
What is Bonus and Who Gets It?
बोनस का मतलब है साल के अंत में या त्योहार के मौके पर कर्मचारी को मिलने वाला अतिरिक्त पैसा, जो उसकी मूल सैलरी + महंगाई भत्ते (DA) के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है।
Payment of Bonus Act, 1965 के अनुसार, जिस भी प्रतिष्ठान (फैक्ट्री, कंपनी, एजेंसी) में 20 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं, वहाँ बोनस देना अनिवार्य है।
आउटसोर्सिंग एजेंसी भी इसी कानून के दायरे में आती है।
Minimum Bonus Percentage (8.33%)
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि न्यूनतम बोनस दर 8.33% (यानी सालाना बेसिक+DA का) तय की गई है।
उदाहरण: यदि आपकी बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता ₹15,000 प्रति माह है, तो न्यूनतम बोनस = ₹15,000 × 12 × 8.33% = ₹14,994 (लगभग ₹15,000) होगा।
यदि एजेंसी इससे कम बोनस देती है या बिल्कुल नहीं देती, तो वह कानून का उल्लंघन कर रही है।
Who is Excluded from Bonus?
वे कर्मचारी जिनकी मासिक सैलरी (बेसिक+DA) ₹21,000 से अधिक है, वे बोनस अधिनियम के दायरे से बाहर हो सकते हैं।
लेकिन यदि कोई कर्मचारी पिछले साल में 30 दिन से अधिक काम कर चुका है, तो उसे भी बोनस मिलेगा।
सांख्यिकी (Statistic 1): PIB की अप्रैल 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी बोनस, ग्रेच्युटी और पीएफ का लाभ मिलना चाहिए।
Case Study 1: Delhi Govt Bonus Advisory (2024)
सितंबर 2024 में दिल्ली श्रम विभाग ने सभी कॉन्ट्रैक्टरों के लिए एक एडवायजरी जारी की – “यदि आपकी एजेंसी में 20 से अधिक कर्मचारी हैं तो Payment of Bonus Act का पालन करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इस एडवायजरी में साफ लिखा था कि अनुपालन न करने पर जुर्माना और यहाँ तक कि प्रॉसिक्यूशन (अभियोजन) भी हो सकता है।
Leave Policy for Sewayojan Outsourced Employees
Earned Leave (EL)
Earned Leave (प्रोद्भूत अवकाश) वह छुट्टी है जो कर्मचारी के काम करने पर बनती है।
नए Labour Code 2025 के तहत, हर 240 दिन काम करने पर 20 दिन की EL मिलती है।
सामान्यतः आउटसोर्सिंग कर्मचारी को सालाना 12-20 दिन EL मिलती है, जिसे अगले साल में अधिकतम 30 दिन तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है।
नौकरी छोड़ने पर बची हुई EL का एनकैशमेंट (leave encashment) भी मिलता है।
Casual Leave (CL)
Casual Leave (आकस्मिक अवकाश) – अचानक किसी निजी काम या बीमारी के लिए।
यह लगभग 10-12 दिन प्रति वर्ष मिलता है।
CL को अगले साल में नहीं ले जा सकते (non‑accumulative) और नौकरी छोड़ने पर इसका एनकैशमेंट नहीं होता।
Sick Leave (SL) and Medical Leave
Sick Leave (बीमारी अवकाश) – 10-15 दिन प्रति वर्ष।
यदि आप 2-3 दिन से अधिक बीमार रहते हैं, तो कंपनी मेडिकल सर्टिफिकेट माँग सकती है।
SL भी कैरी फॉरवर्ड नहीं होती, लेकिन गंभीर बीमारी (जैसे कोविड, सर्जरी) के लिए दीर्घकालिक अवैतनिक अवकाश लिया जा सकता है।
Maternity and Paternity Leave
Maternity Leave (प्रसूति अवकाश) – 26 सप्ताह (पूर्ण वेतन पर)
यह अधिकार Maternity Benefit Act, 1961 के तहत हर उस महिला कर्मचारी को मिलता है जिसने पिछले 12 महीनों में 80 दिन काम किया हो।
Paternity Leave (पितृत्व अवकाश) – 15 दिन (केवल कुछ सरकारी कॉन्ट्रैक्ट/नियमों में)
National and Festival Holidays
तीन अनिवार्य राष्ट्रीय अवकाश – 26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर।
इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा घोषित 6-8 त्योहारी अवकाश (दीपावली, होली, ईद, गुरु नानक जयंती आदि) मिलते हैं।
क्या आपकी एजेंसी ये छुट्टियाँ नहीं देती? यदि हाँ, तो वह UP Shops and Establishments Act का उल्लंघन कर रही है।
Table: Leave Types at a Glance
| Leave Type | Days per Year | Carry Forward | Encashable on Exit |
|---|---|---|---|
| Earned Leave (EL) | 12-20 | Yes (max 30) | Yes |
| Casual Leave (CL) | 10-12 | No | No |
| Sick Leave (SL) | 10-15 | No | No |
| Maternity Leave | 26 weeks | Not applicable | Not applicable |
| National Holidays | 3 | No | No |
What Other Benefits Do Outsourced Employees Get?
PF and ESI Contribution
EPF (Employees’ Provident Fund) – आपकी सैलरी का 12% + कंपनी का 12% (कुल 24%) PF खाते में जमा होता है।
ESI (Employees’ State Insurance) – यदि मासिक वेतन ₹21,000 से कम है तो 1.75% आपका + 4.75% कंपनी का ESI में जाता है, जिससे मुफ्त इलाज और बीमारी भत्ता मिलता है।
Salary Transfer Between 1st-5th
UP Outsource Service Corporation (UPOSCL) – सितंबर 2025 में सरकार ने इसका गठन किया।
अब 11 लाख से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन सीधे हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच बैंक खाते में आएगा।
Statistic 2: वर्ष 2025-26 में आउटसोर्सिंग का बजट बढ़ाकर ₹1,796 करोड़ कर दिया गया, जो 2019-20 (₹684 करोड़) से तीन गुना अधिक है।
Funeral Assistance of ₹15,000
UPOSCL के तहत यदि कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹15,000 की अंत्येष्टि सहायता दी जाएगी।
Case Study 2: UPSRTC Conductor Recruitment (2026)
मार्च 2026 में Sewayojan पोर्टल के माध्यम से UPSRTC में कंडक्टर (आउटसोर्सिंग) के पदों पर भर्ती हुई।
नोटिफिकेशन में साफ लिखा था – ₹14,411 से ₹20,000 मासिक वेतन, EPF, ESI और अन्य लाभ।
इससे साबित होता है कि अब सरकारी एजेंसियाँ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बोनस और छुट्टियाँ देने को बाध्य हो रही हैं।
(~180 words)
What to Do If Bonus or Leave Is Not Given?
Step 1 – Written Request to Contractor
सबसे पहले अपनी एजेंसी (contractor) को एक लिखित शिकायत दें। डाक से रजिस्टर्ड पोस्ट या ईमेल करें, और उसकी प्रति अपने पास रखें।
Step 2 – Complaint to Labour Commissioner
यदि 30 दिन में कोई जवाब नहीं मिलता, तो जिला श्रम आयुक्त (District Labour Commissioner) के पास शिकायत दर्ज कराएँ।
Payment of Bonus Act, 1965 और Labour Codes के तहत वह मामले की सुनवाई करेंगे।
Step 3 – Use SAMADHAN Portal
SAMADHAN (सरकारी ऑनलाइन पोर्टल) – Ministry of Labour & Employment का यह प्लेटफॉर्म औद्योगिक विवादों के त्वरित निपटारे के लिए है।
आप मुफ्त में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Step 4 – Legal Action
अंतिम विकल्प – Labour Court या Civil Court में वाद दायर करें।
क्या आप जानते हैं? बोनस का भुगतान न करना IPC Section 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत दंडनीय अपराध हो सकता है।
Recent Government Updates (2023–2026)
Update 1: UP Outsource Service Corporation (Sep 2025)
- 11+ लाख कर्मचारी
- वेतन 1‑5 तारीख
- EPF + ESI अनिवार्य
- ₹15,000 अंत्येष्टि सहायता
- महिलाओं को मातृत्व अवकाश
- आरक्षण का लाभ
Update 2: Central Labour Secretary’s Letter (April 2023)
Ms. Arti Ahuja ने सभी राज्यों को छह अनिवार्य शर्तें भेजीं – जिनमें बोनस, ग्रेच्युटी, समय पर वेतन शामिल थे।
Update 3: Delhi Bonus Advisory (Sep 2024)
दिल्ली सरकार ने साफ किया – कॉन्ट्रैक्टर 20+ कर्मचारी होने पर बोनस देने से नहीं बच सकता।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. Kya Sewayojan outsourcing job mein bonus mandatory hai?
हाँ, यदि एजेंसी में 20+ कर्मचारी हैं, तो Payment of Bonus Act के तहत न्यूनतम 8.33% बोनस देना कानूनी अनिवार्यता है।
Q2. Agar outsourcing company bonus nahi deti to kahan complaint karein?
सबसे पहले कंपनी को लिखें, फिर जिला श्रम आयुक्त, फिर SAMADHAN पोर्टल, अंत में कोर्ट।
Q3. Kya outsourced employees ko earned leave milti hai?
जी हाँ, प्रति 240 दिन काम पर 20 दिन EL (सालाना 12‑20 दिन)।
Q4. Casual leave aur sick leave kitne din milte hain?
CL = 10‑12 दिन, SL = 10‑15 दिन प्रति वर्ष।
Q5. Kya maternity leave outsourced women ko bhi milegi?
हाँ, यदि पिछले 12 माह में 80 दिन काम किया है तो 26 सप्ताह का पूर्ण वेतन अवकाश।
Q6. Kya national holidays outsourced employees ke liye paid hote hain?
हाँ – 26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर अवश्य सवेतन होते हैं।
Q7. Kya leave encashment (chhuttiyon ka paisa) milta hai?
हाँ, केवल Earned Leave (EL) का, जो नौकरी छोड़ते समय बचा हो।
Q8. Kya UP Outsource Service Corporation ne bonus policy badal di?
UPOSCL ने वेतन, PF, ESI और मातृत्व अवकाश को अनिवार्य किया है। बोनस अभी भी Payment of Bonus Act के अंतर्गत ही लागू होता है।
Q9. Agar mujhe 21,000 se zyada salary hai to kya bonus nahi milega?
हाँ, अधिनियम के अनुसार ₹21,000 से अधिक बेसिक+DA वालों को बोनस की अनिवार्यता लागू नहीं, लेकिन कई कंपनियाँ स्वेच्छा से देती हैं।
Q10. Kya Sewayojan outsourcing job mein gratuity milta hai?
यदि आपने 5 साल से अधिक लगातार सेवा दी है, तो Payment of Gratuity Act के तहत ग्रेच्युटी (अंतिम वेतन का 15/26 × सेवा वर्ष) मिलती है।
Conclusion
Statistic 3: UP सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2026 तक 11 लाख से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारी Sewayojan पोर्टल से जुड़ चुके हैं।
यदि आप उनमें से एक हैं, तो अब आप जानते हैं – बोनस और छुट्टियाँ आपका कानूनी अधिकार हैं, न कि कोई एहसान।
क्या आपकी एजेंसी आपको 8.33% बोनस दे रही है?
क्या आपको Earned Leave, Casual Leave, Sick Leave समय पर मिल रहे हैं?
यदि नहीं, तो ऊपर बताए गए शिकायत तंत्र का उपयोग करें।
इस लेख को अपने साथी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से साझा करें – जागरूकता ही पहला कदम है अपने अधिकार पाने की ओर।